Tag: Poem

नन्ही परी!

वो नन्ही परी जब आयी हमारे द्वार,अपनी प्यारी किलकारियों से उसने घर दिया

QUEST

This quest to know who you are, What belongs to you and what

रिश्तें!

क्यों हम रिश्तों को इतना मोल देते है,उनको उम्मीदों और आशाओं में तोल

मेहफ़िल

इस भरी मेहफ़िल मैं भी तन्हाई का आलम है,ये उनके ना होने से

वरदान!

उनसे मेरा सवेरा , उनसे ही मेरी सांज ,उनसे ही है आज मेरी

जज़्बात!

ज़ुबा पे थे जज़्बात पर बयान न कर पाए,कम्बख्त इन आँखों ने उन्हें,

कश्मकश!

मुस्कराहट में दबी वो झिझक न देखि किसीने,सहमे हुए कदमो का हाल न