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Tag:
Poem
मेरा साथ, मेरे साथ!
कभी कभी कुछ वक़्त खुद के साथ भी बिता लिया करो,कौन जाने,कुछ ऐसा
EK CUP COFFEE!
Wo thandi hawaa ka jhoka, jab chehre se lipat jaye, Wo aankho main
बेपरवाह
जिए तो जिए यु , जिए तू बेपरवाह ,रोज़ की भगदड़ मैं ,
बातें.
कुछ तुमने कहा , कुछ हमने कहा ,कहते कहते बातों का कारवां बनता
बस एक पल
वो बारिश कुछ ऐसी हुई,दो दिल एक अनजान राह पर कुछ यु मिले,उस
ज़िन्दगी खूबसूरत है!
निकल पड़ा हूँ राह मैं ,खुले आस्मां की छाँव मैं ,मंज़िल अपनी तो
पहला प्यार..
Always an experience!
मन बावरा!
बावरा सा ये मन, कही ठहरता ही नहीं , भवरे की तरह मंडराए
Kuch yu jiye!
Uljhee hai zindagi ki patang, daav-pechon main. Khol baahein apni, lapet us manjhe
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