Tag: Poem

बेपरवाह

जिए तो जिए यु , जिए तू बेपरवाह ,रोज़ की भगदड़ मैं ,

बातें.

कुछ तुमने कहा , कुछ हमने कहा ,कहते कहते बातों का कारवां बनता

बस एक पल

वो बारिश कुछ ऐसी हुई,दो दिल एक अनजान राह पर कुछ यु मिले,उस

मन बावरा!

बावरा सा ये मन, कही ठहरता ही नहीं , भवरे की तरह मंडराए