Poetry

Be You!

Fake इस ज़माने में, दिल-फेंक बन तू,Formalities के दायरों से हट, थोड़ा मनमर्ज़ी

वो दौर!

वो दौर कुछ ऐसा था, क्या अपना क्या पराया, सब अपनों के जैसा

WAQT

Shikaayat thi is tez raftaar waqt se, Kaise kab guzar jaata, andaaza hi

नन्ही परी!

वो नन्ही परी जब आयी हमारे द्वार,अपनी प्यारी किलकारियों से उसने घर दिया

QUEST

This quest to know who you are, What belongs to you and what

रिश्तें!

क्यों हम रिश्तों को इतना मोल देते है,उनको उम्मीदों और आशाओं में तोल

वरदान!

उनसे मेरा सवेरा , उनसे ही मेरी सांज ,उनसे ही है आज मेरी