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Tag:
SJ
गुफ़्तगू।
गुफ़्तगू कुछ ऐसी हुई उससे,हम खोते ही चले गए।वो तो राही था इस
WAQT
Shikaayat thi is tez raftaar waqt se, Kaise kab guzar jaata, andaaza hi
नन्ही परी!
वो नन्ही परी जब आयी हमारे द्वार,अपनी प्यारी किलकारियों से उसने घर दिया
QUEST
This quest to know who you are, What belongs to you and what
पतझड़।
सुन पतझड़, क्यों अपने इस हाल पे उदास है,तेरे झड़ने से ही तो
रिश्तें!
क्यों हम रिश्तों को इतना मोल देते है,उनको उम्मीदों और आशाओं में तोल
मेहफ़िल
इस भरी मेहफ़िल मैं भी तन्हाई का आलम है,ये उनके ना होने से
वरदान!
उनसे मेरा सवेरा , उनसे ही मेरी सांज ,उनसे ही है आज मेरी
Solitude
Stay here or go on a journey to explore alone, Do spend time
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