Tag: Hope

Autumn

पतझड़।

सुन पतझड़, क्यों अपने इस हाल पे उदास है,तेरे झड़ने से ही तो

रिश्तें!

क्यों हम रिश्तों को इतना मोल देते है,उनको उम्मीदों और आशाओं में तोल