Poetry पहला प्यार.. May 1, 2020 Pehla Pyaar कहने को तो वो यार था मेरा , पहला पहला प्यार था मेरा , था जो नाज़ुक दिल ये मेरा , नासूर कर गया उसे छोड़ अधूरा। वक़्त बना साथी मेरा , हर मोड़ पर रहा उसका पहरा , गुज़रते गुज़रते एहसास कराया , कोई न हो कभी खुद से ज़्यादा प्यारा। -शिखा जैन Emotions, Experience, FirstLove, Love, lOVEyOURSELF, Poem, Poetry, Positive, SelfLove, SJ, Thoughts 1 Like1 min read444 Views Previous post मन बावरा! Next post ज़िन्दगी खूबसूरत है! Leave a reply Cancel reply Δ